1. 'रव शेष रह गए हैं निर्झर' का क्या अर्थ है?
2. 'उड़ गया अचानक लो, भूधर फड़का अपार पारद के पर' का आशय स्पष्ट कीजिए।
3. 'धँसकर धरा में सभय शाल' का आशय स्पष्ट कीजिए।
4. 'दर्पण-सा फैला है विशाल' में अलंकार है
5. 'पल-पल परिवर्तित प्रकृति-वेश' से क्या तात्पर्य है?
6. पहाड़ों की छाती पर झरने कैसे प्रतीत हो रहे हैं?
7. 'झरने के झर-झर स्वर' में कवि ने क्या कल्पना की है?
8. 'मद में नस-नस उत्तेजित कर' से क्या तात्पर्य है?